Thursday, June 25, 2015

मासूम बच्चे


वे नन्हे बच्चे जो जीवन में कभी नहीं खेल पाते कीमती खिलौनों से,
भूख लगने पर मुट्ठी-भर चने खा, पानी पीकर चुपचाप सो जाते है। 
जिन्हें जीवन में कभी भी तीज-त्योहारों पर नहीं मिल पाते 
कीमती कपडे व तोहफे, 
जिनका सारा संसार छुपा होता है 
उनकी माँ की निश्छल प्रेमपूर्ण हंसी और दुलार में,
अक्सर ऐसे ही बच्चे जीवन की चुनौतियों को स्वीकार कर, 
बड़े होकर बनते है इस संसार में अद्भुत कवि, चित्रकार व महान वैज्ञानिक 
और इस देश के कर्णधार...

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